महोबा
अनियमितताओं पर ‘अंकुश’, पीड़ितों को जल्द मिले न्याय : जितेंद्र सिंह सेंगर
विधान परिषद की ‘अंकुश समिति’ की बैठक में विकास प्राधिकरणों, नगर निगमों व जिला पंचायतों से जुड़े मामलों पर हुई सुनवाई
प्रकाश सक्सेना • महोबा •
लखनऊ, 9 सितंबर। विकास प्राधिकरणों, आवास विकास परिषद, जिला पंचायतों और नगर निगमों में व्याप्त अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए गठित उत्तर प्रदेश विधान परिषद की ‘अंकुश समिति’ की बैठक मंगलवार को विधान भवन में हुई। समिति के सभापति जितेंद्र सिंह सेंगर ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को लंबित प्रकरणों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में नगर विकास विभाग, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग से जुड़े विभिन्न मामलों पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विस्तार से चर्चा की गई। सभापति ने अधिकारियों से प्रकरणों में की गई कार्रवाई की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि पीड़ितों को न्याय मिलने में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
समिति ने अनियमितताओं से संबंधित मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया गया।
बैठक में समिति के सदस्य अश्विनी त्यागी, रवि शंकर सिंह ‘पप्पू भैया’, सीपी चंद, बृजेश सिंह ‘प्रिंशु’, संतोष सिंह, डॉ. रतन पाल सिंह तथा अंगद सिंह उपस्थित रहे।
इस दौरान नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद सहित आईएएस अधिकारी अनुज झा, विजय किरण आनंद, मनोज कुमार सिंह, सत्य प्रकाश पटेल एवं महेंद्र प्रताप सिंह समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सभापति जितेंद्र सिंह सेंगर ने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल अनियमितताओं को चिन्हित करना नहीं, बल्कि शिकायतों का निष्पक्ष परीक्षण कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाना भी है। बैठक में संबंधित अधिकारियों को समिति के निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर