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महोबा

मदन सागर के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए NPCA के तहत DPR तैयार कराने की मांग

राष्ट्रीय जलीय पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण योजना (NPCA) के अंतर्गत मदन सागर के संरक्षण के लिए वरिष्ठ भाजपा नेता राहुल जी अग्रवाल ने मांग की है।

प्रकाश सक्सेना • महोबा •

मदन सागर के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए NPCA के तहत DPR तैयार कराने की मांग

मदन सागर के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए NPCA के तहत DPR तैयार कराने की मांग

महोबा। चंदेलकालीन ऐतिहासिक मदन सागर तालाब के संरक्षण, सफाई और पुनरुद्धार की मांग को लेकर वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता राहुल जी अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कराकर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने की मांग की है।

राहुल जी अग्रवाल ने कहा कि मदन सागर महोबा की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा होने के साथ-साथ क्षेत्र के जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उनके अनुसार, तालाब भूजल स्तर को बनाए रखने में सहायक है तथा स्थानीय जीव-जंतुओं एवं जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने चिंता जताई कि वर्तमान में तालाब अत्यधिक गाद, जलकुंभी और शहर के गंदे पानी के अनियंत्रित बहाव के कारण गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। सीवेज के लगातार तालाब में पहुंचने से जल की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और इसके जलीय पारिस्थितिकी तंत्र पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

अग्रवाल ने मांग की कि मदन सागर के समग्र पुनरुद्धार के लिए सिंचाई अथवा संबंधित विभाग से एक व्यापक DPR तैयार कराई जाए। इसमें तालाब की गाद निकासी (Desilting), जलकुंभी हटाने, तटों की पिचिंग, संरक्षण तथा आवश्यक सौंदर्यीकरण के कार्य शामिल किए जाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि तालाब में गिरने वाले शहर के नालों के दूषित पानी को रोकने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) अथवा उपयुक्त बायोरिमेडिएशन व्यवस्था को परियोजना का हिस्सा बनाया जाना चाहिए, ताकि तालाब में स्वच्छ जल का प्रवाह सुनिश्चित किया जा सके।

राहुल जी अग्रवाल ने संबंधित प्रशासन से आग्रह किया कि तैयार DPR को उत्तर प्रदेश राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण (State Wetland Authority) के माध्यम से केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजने की पहल की जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जलीय पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण योजना (NPCA) के अंतर्गत मदन सागर के संरक्षण के लिए प्रभावी प्रस्ताव तैयार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मदन सागर का संरक्षण केवल एक तालाब के पुनरुद्धार का विषय नहीं है, बल्कि यह महोबा की ऐतिहासिक विरासत, जल सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है। इसके पुनरुद्धार से आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक धरोहर सुरक्षित होने के साथ स्थानीय नागरिकों को स्वच्छ एवं बेहतर पर्यावरण भी मिल सकेगा।

संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर