पन्ना
पन्ना में 27.29 कैरेट का हीरा मिलने से फिर चमकी उम्मीद
पन्ना हीरा खनन : प्रमुख तथ्य - मिला हीरा: 27.29 कैरेट - गुणवत्ता: जेम क्वालिटी - अनुमानित कीमत: करीब 2 करोड़ रुपये - स्थान: मझगवां, पन्ना - परियोजना संचालक: एनएमडीसी - खनन दोबारा शुरू: मार्च 2024 - मार्च 2024 के बाद सबसे बड़ा: 27.29 कैरेट का हीरा - हीरा कार्यालय में रखे हीरे: करीब 80 - आखिरी नीलामी: फरवरी 2024 - अगली संभावित नीलामी: अक्टूबर 2026 - हीरा तलाशने उमड़ी भीड़: करीब 4–5 हजार लोग - भीड़ का स्थान: रुंझ डैम का डूब क्षेत्र, विश्रामगंज रेंज
प्रकाश सक्सेना • पन्ना •
मुख्य बातें
- एनएमडीसी की मझगवां खदान में मार्च 2024 के बाद मिला सबसे बड़ा जेम क्वालिटी हीरा, कीमत करीब दो करोड़ रुपये
पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना की धरती ने एक बार फिर बेशकीमती रत्न उगला है। एनएमडीसी की मझगवां हीरा खनन परियोजना से मंगलवार को 27.29 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला है। इसकी अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है। मार्च 2024 में खनन दोबारा शुरू होने के बाद यह परियोजना से मिला अब तक का सबसे बड़ा जेम क्वालिटी का हीरा है।
मझगवां स्थित एनएमडीसी की खदान को एशिया महाद्वीप की इकलौती यंत्रीकृत हीरा खदान बताया जाता है। नए हीरे के मिलने से न केवल खनन परियोजना में उत्साह बढ़ा है, बल्कि लंबे समय से सुस्त पड़े स्थानीय हीरा कारोबार में भी नई उम्मीद जगी है।
अक्टूबर में नीलामी की तैयारी
हीरा कार्यालय में फिलहाल करीब 80 हीरे रखे होने की जानकारी है। मार्च 2026 में हीरा कार्यालय और एनएमडीसी की संयुक्त नीलामी छतरपुर में कराने का प्रस्ताव था, लेकिन इसे टाल दिया गया। अब अक्टूबर में नीलामी कराने की तैयारी की जा रही है।
हीरा पारखी अनुपम सिंह के मुताबिक अक्टूबर में नीलामी कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले फरवरी 2024 में आखिरी हीरा नीलामी हुई थी। कारोबारियों की नजर अब आगामी नीलामी पर है, क्योंकि लंबे अंतराल के बाद बड़ी संख्या में हीरों की बिक्री से स्थानीय बाजार में गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
बारिश के बाद फिर उमड़े हीरा तलाशने वाले
पन्ना में बारिश के बाद नदियों और जलाशयों के किनारे हीरे तलाशने की परंपरा भी जोर पकड़ लेती है। बुधवार को इसका नजारा विश्रामगंज रेंज के रुंझ डैम के डूब क्षेत्र में देखने को मिला, जहां अचानक करीब चार से पांच हजार लोगों की भीड़ जुट गई।
बताया गया कि छतरपुर, टीकमगढ़ और उत्तर प्रदेश के बांदा समेत आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग हीरे की तलाश में पहुंचे थे। भीड़ की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर वहां से वापस भेजा।
नजर अक्टूबर की नीलामी पर
एक ओर एनएमडीसी की खदान से 27.29 कैरेट का बड़ा जेम क्वालिटी हीरा मिलने से पन्ना की पहचान फिर चर्चा में है, वहीं दूसरी ओर बारिश के बाद नदी किनारे हीरा तलाशने के लिए हजारों लोगों का पहुंचना स्थानीय स्तर पर इस कारोबार को लेकर कायम आकर्षण को दिखाता है। अब कारोबारियों और स्थानीय लोगों की निगाहें अक्टूबर में प्रस्तावित नीलामी पर टिकी हैं।
हालांकि नीलामी की तारीख और प्रक्रिया की अंतिम आधिकारिक पुष्टि संबंधित हीरा कार्यालय की सूचना के बाद ही मानी जाएगी।
संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर