महोबा
मिनी स्टेडियम में नाला निर्माण पर लगी रोक
खिलाड़ियों के विरोध के बाद डीआईओएस ने किया निरीक्षण, मैदान की चौहद्दी के अंदर निर्माण नहीं कराने के निर्देश
प्रकाश सक्सेना • महोबा •
मुख्य बातें
- 80 साल से आयोजित हो रहा अखिल भारतीय बुंदेलखंड हॉकी टूर्नामेंट, खेल मैदान बचाने की मांग
महोबा। चरखारी कस्बे के डाक बंगला स्थित पीएम श्री राजकीय गंगा सिंह इंटर कॉलेज के अधीन मिनी स्टेडियम/क्रीड़ा मैदान में नगर पालिका परिषद द्वारा कराए जा रहे नाला निर्माण का खिलाड़ियों और नगर के गणमान्य नागरिकों ने विरोध किया। मामले की शिकायत के बाद जिलाधिकारी गजल भारद्वाज के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक प्रेमचंद यादव ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान डीआईओएस ने स्पष्ट किया कि मिनी स्टेडियम के खेल मैदान की चौहद्दी के अंदर नाला निर्माण नहीं कराया जाएगा। उन्होंने मौके पर निर्माण कार्य पर रोक जारी रखने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग ने जल निकासी की समस्या का समाधान खेल मैदान की सीमा के बाहर से नाला बनाकर करने की बात कही।
पीएम श्री राजकीय गंगा सिंह इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेन्द्र कुमार ने कहा कि खेल मैदान के अंदर नाला निर्माण होने से मैदान का स्वरूप प्रभावित होगा और खिलाड़ियों की गतिविधियां बाधित होंगी।
वहीं नगर पालिका परिषद चरखारी के ईओ अमरजीत ने बताया कि नाला निर्माण रुकने से खेल मैदान में जलभराव की समस्या बनी हुई है। पानी की निकासी के लिए नाला निर्माण जरूरी है। इस पर शिक्षा विभाग की ओर से कहा गया कि जल निकासी की व्यवस्था मैदान के बाहर से की जाए, जिससे खेल मैदान सुरक्षित रह सके।
80 वर्षों से हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन
पूर्व हॉकी खिलाड़ी योगेश पाठक, पूर्व जिला हॉकी कोच मुख्तार अहमद, हॉकी खिलाड़ी सादिक इस्लाम, क्रिकेट खिलाड़ी कृष्ण रैकवार सहित अन्य खिलाड़ियों ने कहा कि चरखारी में पहले से ही खेल मैदानों का अभाव है। ऐसे में डाक बंगला स्थित यह मिनी स्टेडियम स्थानीय खिलाड़ियों और युवाओं के लिए महत्वपूर्ण खेल स्थल है।
खिलाड़ियों ने बताया कि इसी क्रीड़ा मैदान में 80 वर्षों से अधिक समय से मेला गोवर्धन के अवसर पर अखिल भारतीय बुंदेलखंड हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन होता आ रहा है। मैदान के अंदर नाला निर्माण होने से खेल गतिविधियां प्रभावित होने के साथ भविष्य में मैदान के उपयोग में भी परेशानी उत्पन्न हो सकती है।
खिलाड़ियों और नागरिकों ने प्रशासन के निर्णय का स्वागत करते हुए मांग की कि मैदान को सुरक्षित रखते हुए जल निकासी के लिए स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि खेल गतिविधियां निर्बाध रूप से जारी रह सकें।
संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर