महोबा
समाधान दिवस में शिकायतों का कागजी नहीं, धरातल पर हो निस्तारण : डीएम
महोबा। समाधान दिवस में डीएम ने शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। फर्जी निस्तारण पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
प्रकाश सक्सेना • महोबा •
मुख्य बातें
- शिकायतों का कागजी नहीं, धरातल पर निस्तारण कराने के डीएम ने दिए निर्देश।
- फर्जी निस्तारण मिलने पर अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की चेतावनी।
- लेखपाल गांवों में डुग्गी पिटवाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनें और बड़ी समस्याओं की जानकारी एसडीएम को दें।
महोबा। तहसील चरखारी में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन जिलाधिकारी श्रीमती गजल भारद्वाज की अध्यक्षता में किया गया। जिलाधिकारी के साथ पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी बलराम कुमार, अपर जिलाधिकारी न्यायिक सुखबीर सिंह और उपजिलाधिकारी चरखारी अवनीश कुमार तिवारी ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं।
चरखारी तहसील में कुल 39 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से दो शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। वहीं तहसील महोबा में उपजिलाधिकारी सदर शिवध्यान पांडे की अध्यक्षता में प्राप्त 16 शिकायतों में से तीन तथा तहसील कुलपहाड़ में उपजिलाधिकारी आदेश सिंह सागर की अध्यक्षता में प्राप्त 40 शिकायतों में से दो का मौके पर निस्तारण किया गया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी शिकायत को निस्तारित करने से पहले शिकायतकर्ता से बात कर उसकी संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। यदि शिकायतकर्ता निस्तारण से संतुष्ट नहीं है तो शिकायत को निस्तारित न माना जाए।
उन्होंने आईजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। कहा कि इन शिकायतों के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर से भी फीडबैक लिया जाता है। अधिकारियों को निर्देशित किया कि संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाले प्रत्येक फरियादी की छोटी-बड़ी समस्या को गंभीरता से सुना जाए और शिकायतों का कागज पर नहीं बल्कि धरातल पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
डीएम ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। यदि किसी मामले में फर्जी निस्तारण पाया गया तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फरियादियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए निर्धारित समयसीमा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने लेखपालों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र के गांवों में भ्रमण के दौरान डुग्गी पिटवाकर ग्रामीणों को इसकी सूचना दें, उनकी समस्याएं सुनें और उनका निस्तारण कराएं। बड़ी समस्या सामने आने पर तत्काल संबंधित उपजिलाधिकारी को अवगत कराया जाए।
संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर