महोबा
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: महोबा में 89 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ
महोबा के कम्युनिटी गार्डन में गुरुवार, 15 अक्टूबर को 'मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना' के अंतर्गत सामाजिक समरसता के बीच कुल 89 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में 87 हिंदू जोड़े वैदिक रीति से परिणय बंधन में बंधे और 2 मुस्लिम जोड़ों ने निकाह कर एक-दूजे का हाथ थामा। शासन की ओर से प्रत्येक जोड़े पर एक लाख रुपये की सहायता राशि व्यय की गई।
प्रकाश सक्सेना • महोबा •
मुख्य बातें
- सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल: कम्युनिटी गार्डन, महोबा में एक ही छत के नीचे 87 हिंदू जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज से विवाह और 2 मुस्लिम जोड़ों का पारंपरिक निकाह…
- प्रति जोड़ा 1 लाख रुपये की सहायता: शासन द्वारा प्रत्येक वधू के बैंक खाते में 64,000 रुपये, गृहस्थी के उपहार हेतु 21,000 रुपये तथा आयोजन व्यवस्था पर 15,000…
- प्रशासनिक अधिकारियों ने दिया आशीर्वाद: एडीएम (न्यायिक) सुखबीर सिंह, डीडीओ पंकज यादव, समाज कल्याण अधिकारी शशिकांत सिंह और बीडीओ (कबरई) सल्तनत परवीन ने सभी 89…
महोबा, 15 अक्टूबर।
जनपद के कम्युनिटी गार्डन में गुरुवार को 'मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना' के अंतर्गत आयोजित भव्य समारोह में सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली। एक ही पांडाल के नीचे एक ओर वैदिक मंत्रोच्चार गूंजे, तो दूसरी ओर निकाह की रस्में अदा की गईं। उत्साहपूर्ण और मंगलमय वातावरण में आयोजित इस समारोह में कुल 89 जोड़े अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ हमसफर बने। इनमें 87 हिंदू जोड़े वैदिक विधि-विधान के साथ परिणय सूत्र में बंधे, जबकि 2 मुस्लिम जोड़ों का पारंपरिक रीति से निकाह संपन्न कराया गया।
समारोह में मुख्य रूप से उपस्थित अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) सुखबीर सिंह, जिला विकास अधिकारी पंकज यादव, समाज कल्याण अधिकारी शशिकांत सिंह तथा खंड विकास अधिकारी (कबरई) सल्तनत परवीन, जिला विद्यालय निरीक्षक प्रेम चंद्र यादव और समाजसेवी रफ़ीक खान की देखरेख में विवाह और निकाह की सभी रस्में पूरी कराई गईं। इस अवसर पर अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों पर पुष्पवर्षा कर उन्हें सुखद, समृद्ध और खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
बेटियों के विवाह का बोझ कम कर रही सरकार
अधिकारियों ने योजना की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में सीधा सहयोग प्रदान करना है। यह योजना न केवल गरीब परिवारों को शादी-ब्याह के अनावश्यक आर्थिक बोझ से मुक्त करती है, बल्कि समाज के सभी वर्गों को जोड़कर सामूहिक सहभागिता और आपसी भाईचारे को भी प्रबल बनाती है।
प्रति जोड़ा 1 लाख रुपये का अनुदान
शासन के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार इस समारोह में प्रत्येक जोड़े के विवाह पर कुल एक लाख रुपये की धनराशि व्यय की गई है। नवदंपतियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी नई गृहस्थी को सुगम बनाने के लिए सहायता राशि को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है:
64,000 रुपये: कन्या के दांपत्य जीवन की खुशहाली और आर्थिक संबल हेतु सीधे वधू के बैंक खाते में हस्तांतरित किए गए।
21,000 रुपये: नवदंपति को गृहस्थी बसाने के लिए आवश्यक उपहार व वैवाहिक सामग्री भेंट की गई।
15,000 रुपये: समारोह में घराती-बारातियों के स्वागत, जलपान, पंडाल एवं अन्य व्यवस्थाओं पर प्रति जोड़ा व्यय किए गए।
इस भव्य आयोजन में संबंधित विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, वर-वधू पक्ष के परिजनों तथा क्षेत्र के अन्य गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर