महोबा
महोबा: फसल सर्वे के नाम पर अवैध वसूली से भड़के किसानों ने सर्वेयरों को पहनाई चूड़ी-पेटीकोट और जूतों की माला
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के सर्वे के नाम पर अवैध वसूली करने वाले दो सर्वेयरों को महोबा के किसानों ने पकड़कर अनोखा विरोध किया। महिलाओं ने उन्हें चूड़ी और जूतों की माला पहनाकर पूरे गांव में घुमाया और पुलिस के हवाले कर दिया।
बुंदेलखंड खबर डेस्क • महोबा •
महोबा के चरखारी विधानसभा क्षेत्र के नटर्रा गांव में फसल सर्वे के नाम पर कथित अवैध वसूली से नाराज किसानों ने दो सर्वेयरों के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल नुकसान का सर्वे करने पहुंचे दोनों सर्वेयरों पर किसानों ने पैसे मांगने का आरोप लगाया। पिछले 20 दिनों से हुई भारी बारिश के कारण गांव में उड़द, तिली और मूंगफली की करीब 90 प्रतिशत फसल बर्बाद होने का दावा किया जा रहा है।
बीमा कंपनी इफको टोक्यो से जुड़ी निजी एजेंसी ग्लोबल अर्क के दोनों सर्वेयर मध्य प्रदेश के छतरपुर के रहने वाले बताए गए हैं। किसानों का आरोप है कि दोनों सर्वेयर पिछले एक सप्ताह से गांव में आकर ज्यादा बीमा राशि दिलाने का लालच देकर किसानों से एक हजार से पांच हजार रुपए तक की मांग कर रहे थे। इस तरह उन्होंने 200 से ज्यादा किसानों से करीब 2 लाख रुपए की नकद और ऑनलाइन अवैध वसूली की। ग्रामीणों और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रविन्द्र राजपूत ने दोनों को पकड़कर पूछताछ की, जहां उन्होंने पैसे लेने की बात स्वीकार की।
इस अवैध वसूली और धोखाधड़ी से आम किसानों और विशेषकर फसल बर्बादी से जूझ रहे अन्नदाताओं पर भारी आर्थिक संकट और मानसिक परेशानी खड़ी हो गई थी। मुसीबत में फंसे किसानों से पैसे ऐंठे जाने से गुस्साए ग्रामीणों ने चरखारी विधायक को सूचना दी, जिनके निर्देश पर विधायक प्रतिनिधि सूरज पांडे समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे।
महिला किसानों ने दोनों सर्वेयरों को चूड़ी, पेटीकोट, ब्लाउज पहनाया, लाली-बिंदी लगाई और गले में जूतों की माला डालकर पूरे गांव में जुलूस निकाला। हंगामे की सूचना पर कृषि अधिकारी राम सजीवन भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों ने नामजद तहरीर देकर सख्त कार्रवाई व पैसे वापस दिलाने की मांग की। कृषि अधिकारी ने जिलाधिकारी को जानकारी देकर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है, और फिलहाल दोनों आरोपी सर्वेयर पुलिस हिरासत में हैं।
संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर