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महोबा: लहचूरा बांध से धसान नदी में छोड़ा गया 20,800 क्यूसेक पानी, 15 गांवों में अलर्ट

झांसी और टीकमगढ़ के बांधों से आ रहे पानी के कारण लहचूरा बांध का जलस्तर अधिकतम सीमा पर पहुंच गया है। प्रशासन ने बांध के दो फाटक खोलकर नदी में पानी छोड़ा है और किनारे बसे 15 गांवों में मुनादी कराकर अलर्ट जारी किया है।

बुंदेलखंड खबर डेस्क • महोबा •

महोबा: लहचूरा बांध से धसान नदी में छोड़ा गया 20,800 क्यूसेक पानी, 15 गांवों में अलर्ट

महोबा जनपद में स्थित लहचूरा बांध का जलस्तर अत्यधिक बढ़ने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से उसके दो फाटक खोल दिए गए हैं। बांध से धसान नदी में 20,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह कदम जनपद झांसी के सपरार बांध और मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में स्थित बानसुजारा बांध से लगातार आ रहे पानी के कारण उठाया गया है। भारी आवक की वजह से लहचूरा बांध वर्तमान में अपनी अधिकतम क्षमता पर पहुंच गया है।

लहचूरा बांध की न्यूनतम भंडारण क्षमता 179.83 मीटर और अधिकतम क्षमता 182.30 मीटर है, जो अब पूरी तरह भर चुकी है। इस संबंध में बांध के अवर अभियंता रामआसरे ने बताया कि बांध इस समय पूरी तरह से लबालब है और अतिरिक्त पानी को डिस्चार्ज किया जा रहा है। बढ़ते पानी को नियंत्रित करने के लिए दो फाटकों को सात फीट की ऊंचाई तक खोलकर पानी धसान नदी में छोड़ा गया। इसके अलावा, बांध से धसान मुख्य कैनाल में भी 100 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सपरार बांध से 2,500 क्यूसेक और बानसुजारा बांध से 10,000 क्यूसेक पानी लहचूरा में आ रहा है।

इस पानी के छोड़े जाने से धसान नदी के आसपास रहने वाले आम लोगों और किसानों पर सीधा असर पड़ेगा। महोबा और झांसी जिले के नदी किनारे बसे गांवों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। धसान नदी का यह पानी आगे चलकर हमीरपुर जनपद से गुजरने वाली बेतवा नदी में मिलेगा। इससे बेतवा नदी का भी जलस्तर बढ़ने की पूरी उम्मीद है, जिससे नदी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी कराकर अलर्ट जारी कर दिया है। महोबा के काशीपुरा, धरवार, लिलवा, कोटरा, रिपनौर, बीहट, नगाराघाट, स्योढ़ी, सलैया और झांसी जिले के लहचूरा, बरौडा, असपुरा, झारखंड व सुजातपुर गांवों के लोगों को सचेत किया गया है। ग्रामीणों को नदी के पास जाने से पूरी तरह से मना किया गया है। बांध की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी की प्रक्रिया जारी है।

संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर