बाँदा
स्वास्थ्य विभाग के जीपीएफ खातों में गड़बड़ी: बांदा और महोबा की जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई
बांदा और महोबा के स्वास्थ्य विभाग में जीपीएफ खातों में लाखों की गड़बड़ी सामने आई है। जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है और कई कर्मचारी जांच के घेरे में हैं।
बुंदेलखंड खबर डेस्क • बाँदा •
बांदा और महोबा जिलों के स्वास्थ्य विभाग में जीपीएफ (सामान्य भविष्य निधि) खातों में बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है। जांच के दौरान कर्मचारियों के जीपीएफ खातों से उपलब्ध रकम से ज्यादा पैसे निकालने और रिकॉर्ड में हेराफेरी सामने आने के बाद पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। प्रयागराज से आई ऑडिट टीम ने जीपीएफ पासबुक और ऑनलाइन रिकॉर्ड का मिलान किया, जिसके बाद यह मामला सामने आया।
बांदा में तिंदवारी पीएचसी में तैनात ऑप्टोमेट्रिस्ट देवेंद्र कुमार के जीपीएफ खाते में करीब 70 लाख रुपये की गड़बड़ी मिली है, जिनके खिलाफ सीएमओ डॉ. विजेंद्र सिंह ने बैंक खाता सीज कर वेतन रोकते हुए वसूली की तैयारी शुरू कर दी है। बांदा में ही चार अन्य कर्मचारियों के खातों में करीब 23 लाख रुपये की गड़बड़ी मिली है। वहीं महोबा के जिला महिला अस्पताल में जीपीएफ का काम देख रहे जूनियर असिस्टेंट संतोष कुमार वर्मा के खाते में करीब 82.96 लाख रुपये और सीएमएस के ड्राइवर अंबिका के खाते में करीब 11.66 लाख रुपये की गड़बड़ी मिली है। महोबा में यह गड़बड़ी करीब सात साल से चलने का आरोप है और दोनों के बैंक खाते सीज कर वेतन रोक दिए गए हैं।
इस बड़ी वित्तीय गड़बड़ी और खातों के सीज होने तथा वेतन रोके जाने से आरोपी कर्मचारियों पर कड़ी गाज गिरी है। महोबा में आरोपी संतोष कुमार वर्मा ने पैसे जमा करने के लिए समय मांगते हुए अपना मकान बेचकर रकम लौटाने का भरोसा दिया है। विभाग अब इन सभी मामलों में अवैध रूप से निकाले गए पैसों की वसूली की तैयारी कर रहा है।
अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अभय सिंह ने बताया कि दोनों जिलों की रिपोर्ट स्वास्थ्य मुख्यालय के जरिए शासन को भेज दी गई है। अब शासन से निर्देश मिलने के बाद आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर