पन्ना
पन्ना में हीरों की चमक के पीछे गरीबी की कड़वी सच्चाई, रुंझ नदी किनारे किस्मत आजमाने उमड़ी भीड़
पन्ना की रुंझ नदी में हीरा मिलने की अफवाह के बाद हजारों गरीब लोग पहुंचे हैं। वन विभाग ने अवैध खनन रोकने के लिए वहां कड़ी कार्रवाई की है।
बुंदेलखंड खबर डेस्क • पन्ना •
मुख्य बातें
- पन्ना की रुंझ नदी में हीरा मिलने की अफवाह के बाद करीब पांच हजार लोगों की भीड़ उमड़ी।
- उत्तर पन्ना के डीएफओ धीरेंद्र प्रताप सिंह ने रुंझ नदी में हीरा मिलने की बात को महज अफवाह बताया है।
- वन विभाग ने अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई कर अस्थायी टपरियां हटाईं और हीरा छानने के औजार जब्त किए।
- एक व्यक्ति को 35 हजार रुपये मूल्य का छोटा हीरा मिलने के दावे के बाद लोगों का उत्साह बढ़ा था।
मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में 15 सितंबर 2026 को रुंझ नदी के किनारे हीरा मिलने की उम्मीद में हजारों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। गरीबी और तंगी से परेशान लोग अपनी किस्मत आजमाने के लिए नदी की कंकड़-मिट्टी छानने पहुंचे हैं। यह पूरा क्षेत्र वन विभाग की विश्रामगंज रेंज के अंतर्गत आता है, जहाँ बिना अनुमति के अवैध रूप से खुदाई और छानबीन की जा रही थी।
इस तलाश में स्थानीय लोगों के अलावा अमानगंज, छतरपुर, बिहार और मुंबई तक से मजदूर, गरीब महिलाएं और व्यापार में नुकसान उठा चुके लोग शामिल हैं। नदी किनारे भीड़ तब और बढ़ गई जब रिंकू कुशवाहा नाम के एक व्यक्ति को करीब 35 हजार रुपये की कीमत का छोटा हीरा मिलने का दावा सामने आया। हालांकि, उत्तर पन्ना के डीएफओ धीरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि नदी में हीरा मिलने की यह बात पूरी तरह से एक अफवाह है।
भीषण गर्मी में दिन-रात मेहनत कर रहे इन गरीब लोगों पर इसका गहरा असर पड़ा है। कई लोग आने-जाने और खाने-पीने में अपनी जमा-पूंजी के लाखों रुपये खर्च कर चुके हैं। वन विभाग की कड़ी कार्रवाई के बाद अब नदी किनारे कंकड़ छानने वालों की संख्या करीब पांच हजार से घटकर मात्र 100 से 150 रह गई है। इस कार्रवाई से अपनी किस्मत बदलने का सपना लेकर आए गरीबों और मजदूरों में निराशा का माहौल है।
अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए वन विभाग लगातार मुस्तैद है। वन विभाग के कर्मचारियों ने नदी किनारे बनी अस्थायी टपरियों को हटा दिया है और मिट्टी छानने के औजार भी जब्त कर लिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है ताकि बिना अनुमति के होने वाले अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर