दतिया
Jhansi News: दतिया में शिक्षकों की भूख हड़ताल
दतिया में आजाद अध्यापक शिक्षक संघ और अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय भूख हड़ताल की। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी माँगे रखीं।
बुंदेलखंड खबर डेस्क • दतिया •
मुख्य बातें
- दतिया में रविवार को शिक्षकों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल का आयोजन किया।
- यह प्रदर्शन सीतासागर तालाब के पास गंगोटिया हनुमान मंदिर के सामने किया गया।
- जिलाध्यक्ष साबर सिंह दांगी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
- शिक्षकों ने 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को पात्रता परीक्षा से मुक्त करने की मांग की।
दतिया जिले में शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। आजाद अध्यापक शिक्षक संघ और अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने रविवार को एक दिवसीय भूख हड़ताल की। यह पूरा विरोध प्रदर्शन सीतासागर तालाब के पास स्थित गंगोटिया हनुमान मंदिर के सामने संपन्न हुआ।
इस प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष साबर सिंह दांगी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। शिक्षकों ने मांग की कि 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से पूरी तरह मुक्त रखा जाए। इसके लिए विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर आरटीई एक्ट-2009 में संशोधन हेतु केंद्र सरकार को भेजने की बात कही गई। इसके अलावा प्रथम नियुक्ति वर्ष से सेवा अवधि की गणना करके पेंशन, ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण का लाभ दिए जाने की मांग भी रखी गई।
शिक्षकों की ओर से यह भी मांग उठाई गई कि ई-उपस्थिति व्यवस्था को तुरंत बंद किया जाए और पिछली हड़ताल के दौरान रोका गया लंबित वेतन भुगतान जल्द से जल्द किया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनकी समस्याओं का समाधान लंबे समय से नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण उन्हें यह रास्ता अपनाना पड़ा है।
इस आंदोलन के चलते स्थानीय स्तर पर शिक्षा विभाग से जुड़े प्रशासनिक मामलों पर चर्चा तेज हो गई है। शिक्षकों की इन मांगों का सीधा असर जिले के शासकीय विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों की सेवा शर्तों, पेंशन और उनके रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ेगा।
संघ ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। यदि उनकी माँगे समय रहते नहीं मानी जाती हैं, तो आने वाले समय में इस आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। आगे की कार्रवाई संघ के आगामी निर्णयों और शासन स्तर से मिलने वाले जवाब पर निर्भर करेगी।
संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर