चित्रकूट
पान मसाला फर्म और ट्रांसपोर्ट पर GST का छापा: चित्रकूट में 10 गाड़ियों से पहुंची टीम, करोड़ों की टैक्स चोरी की आशंका
चित्रकूट में जिला मुख्यालय स्थित पान मसाला फर्म और ट्रांसपोर्ट पर केंद्रीय टीमों ने छापेमारी की है। शुरुआती जांच में पंजीयन में कम बिक्री दिखाकर बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की आशंका जताई जा रही है।
बुंदेलखंड खबर डेस्क • चित्रकूट •
मुख्य बातें
- जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय और CGST की टीम ने 10 गाड़ियों से शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर छापेमारी की।
- बल्दाऊगंज स्थित पान मसाला फर्म में शाम करीब 8 बजे तक दस्तावेजों और स्टॉक की गहन जांच की गई।
- सदर रोड स्थित बांदा-सतना ट्रांसपोर्ट पर टीम ने करीब 5 घंटे तक बिल्टी और वाउचर खंगाले।
- डिप्टी कमिश्नर विक्रम अजीत ने सेंट्रल टीम की इस बड़ी कार्रवाई की पुष्टि की है।
चित्रकूट जिला मुख्यालय पर शुक्रवार को जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (DGGI) और CGST की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। यह टीम कुल 10 गाड़ियों में सवार होकर कसहाई रोड स्थित बल्दाऊगंज की एक पान मसाला फर्म और सदर रोड स्थित बांदा-सतना ट्रांसपोर्ट पर पहुँची। अचानक हुई इस कार्रवाई से स्थानीय कारोबारियों में भारी हड़कंप मच गया और कई अन्य कारोबारी अपनी दुकानें बंद करके मौके से चले गए।
बल्दाऊगंज स्थित फर्म में टीम ने शाम करीब 8 बजे तक दस्तावेजों और स्टॉक की बारीकी से जाँच की। यह फर्म साल 2018 से संचालित हो रही है। जाँच के दौरान शंकर बाजार स्थित फैक्ट्री से माल के लेन-देन से जुड़े अहम साक्ष्य मिले। मौके पर एक DCM में भरा हुआ पान मसाला, पैकिंग मशीन, उत्पादन उपकरण, नामचीन कंपनियों के रैपर और भारी मात्रा में कच्चा माल बरामद हुआ। शुरुआती पड़ताल में यह सामने आया कि पंजीयन में कम बिक्री दर्शाई गई थी, जबकि मौके पर स्टॉक काफी अधिक पाया गया।
यह पान मसाला फर्म साल 2018 से चल रही थी, और अधिकारियों को अंदेशा है कि लंबे समय से बड़े पैमाने पर GST का भुगतान नहीं किया गया है। हालांकि, कर चोरी की सटीक और वास्तविक राशि दस्तावेजों की विस्तृत जाँच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगी। इस मामले में मुख्य कारोबारी को आवश्यक दस्तावेजों के साथ लखनऊ ले जाए जाने की भी बात सामने आई है।
इस बड़ी कर चोरी और छापेमारी का सीधा असर स्थानीय व्यापार और बाजार पर पड़ेगा। इस प्रकार की सख्त जाँच से कर चोरी करने वाले अन्य कारोबारियों में भी हड़कंप मचा है, जिससे भविष्य में वाणिज्यिक गतिविधियों में पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
अब आगे की प्रक्रिया के तहत, डिप्टी कमिश्नर विक्रम अजीत के अनुसार, मौके से जब्त किए गए सभी दस्तावेजों और भौतिक स्टॉक का मिलान किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद ही विभाग द्वारा आगामी और कड़ी कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर