बुंदेलखंड खबर

हमीरपुर

समिति कर्मियों को साल भर से नहीं मिला वेतन: हमीरपुर में सहायक निबंधक को सौंपा ज्ञापन, 22 सितंबर से करेंगे प्रदर्शन

हमीरपुर की सहकारी समितियों के कर्मचारियों को करीब एक साल से वेतन नहीं मिला है। समस्या हल न होने पर कर्मियों ने 22 सितंबर से आंदोलन और तालाबंदी की चेतावनी दी है।

बुंदेलखंड खबर डेस्क • हमीरपुर •

समिति कर्मियों को साल भर से नहीं मिला वेतन: हमीरपुर में सहायक निबंधक को सौंपा ज्ञापन, 22 सितंबर से करेंगे प्रदर्शन

मुख्य बातें

  • हमीरपुर जिले में साधन समिति सचिव परिषद ने सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता को ज्ञापन सौंपा है।
  • कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें करीब एक साल से वेतन नहीं मिला है जिससे आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
  • समस्या का समाधान न होने पर 22 सितंबर से विरोध प्रदर्शन, हड़ताल और समितियों में तालाबंदी की चेतावनी दी गई है।

हमीरपुर जिले की सहकारी समितियों में काम करने वाले सचिवों और अन्य कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलने के कारण नाराजगी लगातार बढ़ रही है। साधन समिति सचिव परिषद की ओर से सहायक आयुक्त/सहायक निबंधक सहकारिता को एक ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें सरकारी मदद के जरिए हर महीने नियमित रूप से वेतन दिलाए जाने की पुरजोर मांग की गई है।

ज्ञापन सौंपने वाले कर्मचारियों में समीर सचान, शुभम त्रिपाठी, अनिल गुप्ता, रोहित सिंह भदौरिया, प्रीतम कमल किशोर, अविनाश कुमार, नरेंद्र कुमार, उमाकांत बादल, देवेंद्र कुमार और राकेश कुमार सहित कई अन्य लोग शामिल रहे। कर्मचारियों का सीधा आरोप है कि उन्हें करीब एक साल से वेतन नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं।

इस वेतन संकट को लेकर मामला पहले भी उच्च स्तर तक उठाया जा चुका है। परिषद के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि इस गंभीर समस्या के संबंध में आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता लखनऊ को पहले ही अवगत कराया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और न ही कोई ठोस समाधान निकला।

कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलने और उनकी सुनवाई न होने से कामकाज पर सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। समितियों का संचालन प्रभावित होने से आम आदमी और किसानों को मिलने वाली सहकारी सेवाओं पर भी इसका बड़ा असर पड़ सकता है, जिससे ग्रामीण इलाकों में असंतोष व्याप्त है।

कर्मचारियों ने प्रशासन को अंतिम अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि 21 सितंबर तक वेतन संबंधी इस समस्या का हल नहीं निकाला गया, तो वे 22 सितंबर से बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन, हड़ताल और सहकारी समितियों में तालाबंदी का रास्ता अपनाने के लिए विवश होंगे।

संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर