पन्ना
पन्ना जिले में 212 करोड़ का बिजली बिल बकाया: सिमरिया में सबसे ज्यादा 32.50 करोड़ रुपए बाकी
पन्ना जिले में कुल 212.10 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया है। सबसे अधिक 32.50 करोड़ रुपए सिमरिया डिवीजन में बाकी हैं, जिसपर अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बुंदेलखंड खबर डेस्क • पन्ना •
मुख्य बातें
- पन्ना जिले में घरेलू उपभोक्ताओं, नल-जल योजनाओं और सरकारी दफ्तरों का कुल 212.10 करोड़ रुपए बिजली बिल बकाया है।
- डिवीजनवार स्थिति में सिमरिया में 32.50 करोड़ और अजयगढ़ में 29 करोड़ रुपए सबसे अधिक बकाया राशि है।
- विद्युत कंपनी सागर क्षेत्र के मुख्य अभियंता एसआर येमदे ने बुधवार को पन्ना कार्यालय में समीक्षा बैठक ली।
- बकायेदारों पर सख्ती करते हुए डीआरए, संपत्ति कुर्की और बैंक खाते सीज करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
पन्ना जिले में बिजली का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता बिल जमा करने में पीछे चल रहे हैं। जिले में कुल 212.10 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया है। इसमें सबसे ज्यादा 145 करोड़ रुपए घरेलू उपभोक्ताओं पर बाकी हैं। इसके अलावा नल-जल योजनाओं पर 46 करोड़ रुपए और सरकारी दफ्तरों पर भी बड़ी राशि बकाया है।
बकाया राशि की वसूली और समीक्षा के लिए विद्युत कंपनी सागर क्षेत्र के मुख्य अभियंता एसआर येमदे ने बुधवार को पन्ना कार्यालय में बैठक ली। इसमें अधीक्षण अभियंता अशोक निकोसे, पन्ना और पवई के कार्यपालन अभियंता सहित सभी सहायक और कनिष्ठ अभियंता मौजूद रहे। डिवीजनवार स्थिति के अनुसार सबसे ज्यादा 32.50 करोड़ रुपए सिमरिया में बकाया हैं। इसके अलावा अजयगढ़ में 29 करोड़, शाहनगर में 23.50 करोड़, पवई में 23 करोड़ और गुन्नौर में 22 करोड़ रुपए बकाया हैं। अमानगंज में 19.50 करोड़, देवेंद्रनगर में 18.60 करोड़, पन्ना ग्रामीण में 16.50 करोड़, सलेहा में 13.50 करोड़, रैपुरा में 10 करोड़ और पन्ना शहर में 4 करोड़ रुपए की राशि बाकी है।
इससे पहले बिजली बिलों की कम वसूली को लेकर विभागीय स्तर पर चिंता जताई जाती रही है। पूर्व में भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समय पर भुगतान न होने के कारण राजस्व संग्रह प्रभावित हुआ है, जिसके चलते अब प्रशासनिक स्तर पर कड़े कदम उठाने की जरूरत पड़ी है।
बकाया राशि जमा न होने से आम उपभोक्ताओं और क्षेत्र में बिजली सेवाओं के विस्तार पर असर पड़ रहा है। लगातार बिल न चुकाने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने और कुर्की जैसी कार्रवाई से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, वहीं बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
आगे की प्रक्रिया के तहत मुख्य अभियंता ने कम वसूली वाले वितरण केंद्रों के प्रभारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बकायेदारों से राशि वसूलने के लिए डीआरए, संपत्ति कुर्की और बैंक खाते सीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही लंबे समय से बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन तत्काल काटने और शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।
संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर