जालौन
Jalaun News: साबरमती के डायवर्जन से झांसी-कानपुर के यात्रियों की बढ़ी परेशानी
बीना स्टेशन पर तीसरी रेल लाइन के निर्माण के कारण साबरमती एक्सप्रेस का मार्ग बदला गया है। इससे झांसी, उरई और कानपुर रूट के यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
बुंदेलखंड खबर डेस्क • जालौन •
मुख्य बातें
- बीना स्टेशन पर तीसरी रेल लाइन के निर्माण कार्य के चलते साबरमती एक्सप्रेस का बदला गया मार्ग।
- बुधवार को बनारस से अहमदाबाद जाने वाली 19165 साबरमती एक्सप्रेस गोविंदपुरी-इटावा होकर गुजारी गई।
- शाहगंज के यात्रियों को इटावा में ट्रेन से उतरकर सड़क मार्ग से उरई की यात्रा करनी पड़ी।
- यात्रियों ने रेलवे से मार्ग परिवर्तन की अग्रिम सूचना और वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था की मांग की।
उत्तर प्रदेश के जालौन और आसपास के रेल खंड पर बीना स्टेशन पर तीसरी रेल लाइन के निर्माण कार्य के चलते यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस निर्माण कार्य के कारण साबरमती एक्सप्रेस का मार्ग बदल दिया गया है, जिससे इस रूट पर सफर करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बुधवार को बनारस से अहमदाबाद जाने वाली 19165 साबरमती एक्सप्रेस को निर्धारित मार्ग कानपुर सेंट्रल-पुखरायां-कालपी-उरई के बजाय गोविंदपुरी-इटावा होकर गुजारा गया। इसके अलावा, अहमदाबाद से बनारस जाने वाली 19167 साबरमती एक्सप्रेस को भी बीना से बदले हुए मार्ग से रवाना किया गया। इस मार्ग परिवर्तन के कारण झांसी, एट, उरई, कालपी और पुखरायां जाने वाले यात्रियों को भारी असुविधा हुई। यात्रियों का कहना है कि रेलवे को डायवर्जन की स्थिति में बीच रास्ते उतरने वाले यात्रियों के लिए उचित व्यवस्था करनी चाहिए।
इस मामले में शाहगंज निवासी जावेद खान, आमिर खान और सलीम खान ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि उनका शाहगंज से उरई तक का रिजर्वेशन साबरमती एक्सप्रेस के एस-2 कोच में था। उन्हें ट्रेन के गोविंदपुरी से डायवर्ट होने की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी थी।
जब ट्रेन इटावा पहुंचकर वहां रुकी, तब उन्हें बदले हुए मार्ग से चलने की जानकारी प्राप्त हुई। इसके बाद उन्हें इटावा में ही ट्रेन से उतरकर सड़क मार्ग से उरई की यात्रा पूरी करनी पड़ी। प्रभावित यात्रियों ने बताया कि वे उरई की एक फर्नीचर कंपनी में काम करते हैं और इस तरह अचानक रूट बदलने से उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हुए।
यात्रियों ने मांग की है कि रेलवे द्वारा मार्ग परिवर्तन की जानकारी पहले से स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए। साथ ही, उरई समेत इस रेलखंड के यात्रियों के लिए वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था की जाए, ताकि आम यात्रियों को अतिरिक्त समय और आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।
संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर