बुंदेलखंड खबर

चित्रकूट

Chitrakoot Flood Alert: 36 घंटे की बारिश में फिर उफनने लगी मंदाकिनी नदी, आज रात बाढ़ का खतरा

चित्रकूट में 36 घंटे की मूसलाधार बारिश से मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी करते हुए एक से आठ तक के स्कूलों में छुट्टी के आदेश दिए हैं।

बुंदेलखंड खबर डेस्क • चित्रकूट •

Chitrakoot Flood Alert: 36 घंटे की बारिश में फिर उफनने लगी मंदाकिनी नदी, आज रात बाढ़ का खतरा

मुख्य बातें

  • मंदाकिनी नदी का जलस्तर 125.350 मीटर पहुंचा, जो खतरे के निशान 126.500 मीटर के करीब है।
  • रामघाट में शाम को 45 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा जलस्तर, दुकानें खाली कराई गईं।
  • रसिन बांध 97.87 प्रतिशत भरा, स्पिल-वे से 266 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
  • जिले में लगातार 36 घंटे में 66 मिमी वर्षा दर्ज, एक से आठ तक के स्कूल बंद।

चित्रकूट में लगातार 36 घंटे से हो रही बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। शुक्रवार शाम छह बजे रामघाट में नदी का जलस्तर 125.350 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 126.500 मीटर है। नदी अब खतरे के निशान से महज 1.15 मीटर नीचे बह रही है। आरती स्थल और घाट की सीढ़ियां पूरी तरह डूब चुकी हैं और पानी सड़कों तक पहुंच रहा है।

सिंचाई विभाग के अनुसार शाम पांच बजे के बाद मंदाकिनी का पानी करीब 45 सेंटीमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से बढ़ रहा है। स्थिति को देखते हुए रामघाट की दुकानों को खाली करा लिया गया है और निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने रामघाट पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसके अलावा रसिन बांध 97.87 प्रतिशत भर चुका है और इसके स्पिल-वे से 266 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गुंता बांध 83.60, ओहन बांध 82.19 और बरुआ बांध करीब 82 प्रतिशत भर चुके हैं। सिंचाई विभाग ने बरुआ बांध के आसपास के छह गांवों को सतर्क करने के लिए प्रशासन को पत्र भेजा है।

इस बढ़ते जलस्तर ने स्थानीय लोगों की चिंता इसलिए बढ़ा दी है क्योंकि इससे पहले 29 अगस्त को नदी ने 135.200 मीटर का रिकार्ड जलस्तर छुआ था। उस आपदा में मध्य प्रदेश के हनुमानधारा जाने वाला पुल बह गया था, रामघाट का तुलसी मंदिर धराशायी हो गया था और 400 से अधिक दुकानों तथा दो हजार से अधिक मकानों को भारी नुकसान पहुंचा था। पिछली तबाही के जख्म अभी हरे हैं, ऐसे में दोबारा बढ़ रहा पानी लोगों को डरा रहा है।

मंदाकिनी में आ रहे पानी का मुख्य कारण मध्य प्रदेश के सीमावर्ती सतना जिले में हो रही बारिश है। तुलसी कृषि विज्ञान केंद्र के अनुसार जनपद में 36 घंटे में 66 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है। इस मानसूनी बारिश से उड़द और तिल की फसल को नुकसान की आशंका है, जबकि धान की फसल के लिए इसे उपयोगी माना जा रहा है। खेतों में जलभराव की स्थिति से किसानों की मुश्किलें भी बढ़ने लगी हैं।

बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रंजना शुक्ला ने एक से आठ तक के सभी सरकारी और गैर सरकारी मान्यता प्राप्त स्कूलों में आठ तारीख तक छुट्टी के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रशासन और सिंचाई विभाग लगातार नदी तथा बांधों के जलस्तर पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर