चित्रकूट
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का रौद्र रूप, रामघाट डूबा; प्रशासन हाईअलर्ट पर
चित्रकूट में लगातार बारिश के बाद मंदाकिनी नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। रामघाट का आरती स्थल जलमग्न होने के साथ ही प्रशासन ने एहतियातन सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए हैं।
बुंदेलखंड खबर डेस्क • चित्रकूट •
मुख्य बातें
- मंदाकिनी नदी का जलस्तर 127.200 मीटर तक पहुंचा, जो खतरे के निशान से ऊपर है।
- जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और एसपी ने बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।
- मंडल आयुक्त अजीत कुमार ने क्षेत्र के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के निर्देश दिए।
- रसिन बांध के स्पिल-वे से 1400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी लगातार हो रही बारिश के चलते एक बार फिर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। शुक्रवार रात 12 बजे रामघाट में नदी का जलस्तर 127.200 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 126.500 मीटर से 70 सेंटीमीटर ऊपर है। शनिवार सुबह आठ बजे जलस्तर घटकर 126.850 मीटर हो गया, लेकिन पानी घटने के बावजूद रामघाट का आरती स्थल और दुकानें जलमग्न हैं।
बढ़ते जलस्तर के कारण प्रशासन ने रामघाट और आरोग्यधाम में बैरिकेड लगाकर आवागमन रोक दिया है। गुप्त गोदावरी में भी विकराल जलधारा निकल रही है और बरदहा नदी के उफान से मानिकपुर-सतना मार्ग पर टिकरिया का रपटा बह गया है। लगातार बारिश से रसिन बांध का जलस्तर 141.80 मीटर यानी 91.16 प्रतिशत पहुंच गया है, जहां से 1400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गुंता बांध 87.34 प्रतिशत, ओहन बांध 83.87 प्रतिशत और बरुआ बांध 84.56 प्रतिशत भर चुके हैं।
यह मामला 29 अगस्त की रिकार्ड बाढ़ के बाद सामने आया है, जब क्षेत्र में भारी जलभराव हुआ था। लगातार तीसरे दिन हो रही बारिश के कारण एक बार फिर वैसी ही विकराल स्थिति बनती दिख रही है, जिससे प्रशासन और स्थानीय लोग पूरी तरह सतर्क हो गए हैं।
नदी के उफान पर होने और बांधों से पानी छोड़े जाने से कच्चे मकानों तथा नदी किनारे रहने वाले आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है और पंचायत तथा विद्यालयों को शरण स्थल के रूप में उपयोग करने को कहा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चित्रकूटधाम मंडल के आयुक्त अजीत कुमार ने शनिवार को सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में शिक्षण कार्य बंद रखने के निर्देश दिए हैं। जिला और तहसील स्तर पर आपदा नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं, और प्रशासन ने लोगों से नदी व तेज बहाव वाले रास्तों से दूर रहने की अपील की है।
संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर