हमीरपुर
हमीरपुर में सरकारी परीक्षा की कॉपियां बेचने का आरोप, ई-रिक्शा पर लादकर ले जाने का विडियो वायरल
हमीरपुर के एक स्कूल में सरकारी परीक्षा की कॉपियां ई-रिक्शा पर लादकर ले जाते हुए ग्रामीणों ने पकड़ा और विडियो बनाया। वहीं दूसरे मामले में प्राथमिक विद्यालय का एक और विडियो सामने आया है जिसमें बच्चों से कचरा उठवाया जा रहा है।
बुंदेलखंड खबर डेस्क • हमीरपुर •
मुख्य बातें
- हमीरपुर के मॉडल स्कूल इमिलिया में सरकारी परीक्षा की 4 क्विंटल 45 किलो कॉपियां बेचे जाने का मामला सामने आया है।
- कॉपियां ई-रिक्शा में लादकर ले जाई जा रही थी, जिसे ग्रामीणों ने रोककर उसका विडियो बना लिया।
- मुस्करा के गुंदेला प्राथमिक विद्यालय में स्कूली बच्चों से नीला तसला लेकर कचरा फेंकवाने का विडियो भी वायरल हुआ है।
- मामले में डीआईओएस महेश गुप्ता ने जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया है।
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मुस्करा विकासखंड के मॉडल स्कूल इमिलिया में मंगलवार को सरकारी परीक्षा की 4 क्विंटल 45 किलो कॉपियां बेचे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। परीक्षा की इन कॉपियों को ई-रिक्शा में लादकर ले जाया जा रहा था, तभी सतर्क ग्रामीणों ने रास्ते में वाहन को रोक लिया और पूरे घटनाक्रम का विडियो बना लिया। विडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर शिक्षा महकमे में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों ने वाहन को रोककर जब पूछताछ की और कॉपियों को ले जाने का कारण पूछा, तो इसका खुलासा हुआ। ग्रामीणों का दावा है कि स्कूल से सरकारी कॉपियां बेचे जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इस बार भारी मात्रा में कॉपियां बेचकर वाहन से ले जाने का काम किया जा रहा था। इसी दौरान ग्रामीणों ने वाहन रोककर सवाल-जवाब किए और विडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके अलावा, मुस्करा के गुंदेला प्राथमिक विद्यालय का एक अन्य विडियो भी सामने आया है जिसमें स्कूली बच्चे नीला तसला लेकर स्कूल परिसर से कचरा उठाकर बाहर फेंकते हुए नजर आ रहे हैं।
इस तरह के मामलों के सामने आने से क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में इस प्रकार की अनियमितताएं लंबे समय से चल रही हैं। प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से साफ-सफाई और कचरा उठवाने के वायरल विडियो ने व्यवस्था की पोल खोल दी है। ग्रामीणों ने बीएसए और जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इन घटनाओं के सार्वजनिक होने से आम आदमी, अभिभावकों और स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। सरकारी स्कूलों में जहाँ बच्चों को शिक्षा मिलने की उम्मीद की जाती है, वहीं उनसे इस तरह कचरा उठवाने और सरकारी परीक्षा की कॉपियों को इस तरह बाजार में बेचे जाने से बच्चों के भविष्य और शिक्षा प्रणाली पर बुरा असर पड़ रहा है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि ऐसी लापरवाहियों पर रोक लगे ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो सके।
मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। डीआईओएस महेश गुप्ता ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि सरकारी कॉपियों को किसके आदेश पर और क्यों बेचा गया, इसकी पूरी जांच करवाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं वायरल विडियो की सत्यता और परिस्थितियों की पुष्टि भी जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर