महोबा
कक्षा 7 की छात्रा प्रियांशी को 1 दिन के लिए सौंपी गई CO की कमान, जानिए वजह
महोबा में मिशन शक्ति अभियान के तहत कक्षा 7 की छात्रा प्रियांशी को एक दिन के लिए सीओ बनाया गया। छात्रा ने कुर्सी पर बैठकर जनसुनवाई की और भविष्य में पुलिस अधिकारी बनने की इच्छा जताई।
प्रकाश सक्सेना • महोबा •
मुख्य बातें
- महोबा जनपद में मिशन शक्ति फेज-6 के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्रा प्रियांशी को एक दिन का सीओ बनाया गया।
- 13 अक्टूबर 2026 को सीओ सिटी रविकान्त गौड़ ने छात्रा को पुलिस की कार्यप्रणाली, जनसुनवाई और कानून व्यवस्था की जानकारी दी।
- प्रियांशी ने सीओ की कुर्सी पर बैठकर निडरता से जनसुनवाई की और भविष्य में बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की बात कही।
महोबा जनपद में मिशन शक्ति अभियान के तहत 13 अक्टूबर 2026 को एक अनोखी पहल देखने को मिली। यहाँ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की कक्षा 7 की छात्रा प्रियांशी को एक दिन के लिए सीओ बनाया गया। इस दौरान अधिकारियों ने बेटियों को प्रशासनिक कामकाज से जोड़ने का प्रयास किया।
मिशन शक्ति फेज-6 के तहत छात्रा प्रियांशी को सीओ सिटी कार्यालय बुलाया गया और उसे एक दिन का सीओ नियुक्त किया गया। इस दौरान सीओ सिटी रविकान्त गौड़ ने खुद छात्रा को पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से समझाया। प्रियांशी सीओ की टोपी पहनकर उनकी कुर्सी पर बैठी और पूरे आत्मविश्वास के साथ जनसुनवाई करती नजर आई।
यह मामला कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय से जुड़ा है, जहाँ की छात्रा ने प्रशासनिक महकमे में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस पहल के जरिए पुलिस विभाग ने बच्चों को विभाग की कार्यशैली से रूबरू कराने का काम किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब यह अभियान सिर्फ जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों को अफसर बनने की प्रेरणा भी दे रहा है।
इस तरह के आयोजनों से आम आदमी और बेटियों में पुलिस विभाग के प्रति विश्वास बढ़ता है। ग्रामीण इलाकों और कस्तूरबा विद्यालयों की छात्राओं को जब प्रशासनिक पदों की जानकारी मिलती है, तो उनका आत्मविश्वास मजबूत होता है। इससे युवा पीढ़ी और विशेषकर बालिकाओं को भविष्य में बड़े सपने देखने की प्रेरणा मिलती है।
आगे की प्रक्रिया के तहत पुलिस प्रशासन द्वारा जनपद की बालिकाओं को लगातार जागरूक किया जा रहा है। सीओ रविकान्त गौड़ ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी के कर्तव्यों की जानकारी छात्राओं तक पहुंचती है। पाठक और छात्राएं इस अभियान से प्रेरणा लेकर अपने भविष्य की तैयारी कर सकती हैं।
संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर