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सागर-सतना ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से घटेगी 104 किमी दूरी
सागर और सतना के बीच प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए सर्वे का काम शुरू हो गया है। इसके निर्माण से दोनों शहरों के बीच की दूरी 104 किलोमीटर तक कम हो जाएगी।
बुंदेलखंड खबर डेस्क • सागर •
मुख्य बातें
- सागर-सतना ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में करीब 10000 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
- प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 227 किलोमीटर होगी और इसका सर्वे कार्य शुरू हो चुका है।
- इस परियोजना के बनने से भोपाल के रास्ते जाने पर दोनों शहरों की दूरी 104 किलोमीटर घट जाएगी।
मध्य प्रदेश में रोड नेटवर्क का लगातार विस्तार हो रहा है। इसी कड़ी में प्रस्तावित सागर-सतना ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए सर्वे की शुरुआत हो चुकी है। इस मार्ग के बनने से बुंदेलखंड के लोगों के लिए कनेक्टिविटी के नए द्वार खुलेंगे और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट भी देखने को मिलेगा।
मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम यानी एमपीआरडीसी सागर से सतना के बीच 227 किमी लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का सर्वे करा रही है। फिलहाल इस एक्सप्रेस-वे का रूट अभी फाइनल नहीं हुआ है और सर्वे पूरा होने के बाद डीपीआर तैयार होगा। डीपीआर के बाद ही रूट और लागत अंतिम रूप से तय होगी, हालांकि संभावना है कि यह पन्ना के पवई और दमोह से भी गुजरेगा।
इस परियोजना की अनुमानित लागत 9850 करोड़ रुपए यानी लगभग 10000 करोड़ रुपए है, जो डीपीआर के हिसाब से घट-बढ़ सकती है। वर्तमान में सागर से सतना जाने के लिए तीन मार्ग उपलब्ध हैं, जिसमें सागर-छतरपुर-खजुराहो और पन्ना होते हुए 302 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। वहीं, सागर से गढ़ाकोटा, दमोह और मैहर होते हुए यह दूरी 288 किमी है, और सागर-दमोह-पवई वाले रूट से यह दूरी 290 किमी है। भोपाल होते हुए यह दूरी 513 किमी हो जाती है।
इस नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण से आम जनता और सफर करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। भोपाल के रास्ते सतना जाने पर दूरी में 104 किलोमीटर की भारी कमी आएगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों का सफर आसान होने से व्यापार और आवागमन को बढ़ावा मिलेगा।
सर्वे का काम पूरा होने के बाद डीपीआर तैयार किया जाएगा, जिसके बाद निर्माण कार्य से जुड़ी आगे की प्रक्रिया और तारीखों स्पष्ट होंगी। यात्रियों और स्थानीय लोगों को फिलहाल सर्वे और डीपीआर प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना होगा।
संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर