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चित्रकूट में बरदहा नदी पर 14.92 करोड़ रुपये से बनेगा दीर्घ सेतु, 50 हजार ग्रामीणों को मिलेगी राहत

चित्रकूट के मानिकपुर क्षेत्र में बरदहा नदी पर सेतु निर्माण को मंजूरी मिल गई है। इससे बरसात के दिनों में संपर्क टूटने की समस्या से जूझ रहे 50 हजार ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।

बुंदेलखंड खबर डेस्क • चित्रकूट •

चित्रकूट में बरदहा नदी पर 14.92 करोड़ रुपये से बनेगा दीर्घ सेतु, 50 हजार ग्रामीणों को मिलेगी राहत

मुख्य बातें

  • बरदहा नदी पर 14.92 करोड़ रुपये की लागत से दीर्घ सेतु का निर्माण किया जाएगा।
  • मानिकपुर क्षेत्र के 50 हजार ग्रामीणों को बरसात के दौरान आवागमन में राहत मिलेगी।
  • सेतु निगम को ऊंचाडीह-मऊ गुरदरी मार्ग पर इस महत्वपूर्ण पुल के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

चित्रकूट के मानिकपुर क्षेत्र में बरदहा नदी पर 14.92 करोड़ रुपये की लागत से दीर्घ सेतु का निर्माण किया जाएगा। बरसात में नदी के उफान पर आने से पांच-पांच दिन तक संपर्क टूटने की समस्या झेल रहे 50 हजार ग्रामीणों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यह घोषणा सोमवार को शासन द्वारा जारी स्वीकृति पत्र के बाद सामने आई है।

ऊंचाडीह-मऊ गुरदरी मार्ग पर चमरौंहा के पास बनने वाले इस पुल की कुल लागत 14 करोड़ 92 लाख 24 हजार रुपये तय की गई है। इसके सापेक्ष शासन ने 7 करोड़ 46 लाख 12 हजार रुपये स्वीकृत किए हैं। इस परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी सेतु निगम को सौंपी गई है। इसमें राज्य योजना के तहत 5 करोड़ 87 लाख 87 हजार रुपये और अन्य मद से एक करोड़ 58 लाख 25 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है।

इस क्षेत्र में नदी का जलस्तर बढ़ने पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता था जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ती थी। स्थानीय स्तर पर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने मुख्यमंत्री से मिलकर इस पुल के निर्माण की मांग को प्रमुखता से उठाया था। शासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस परियोजना को अपनी स्वीकृति प्रदान की है।

इस दीर्घ सेतु के बन जाने से ऊंचाडीह-मऊ गुरदरी मार्ग पर आवागमन पूरी तरह सुगम हो जाएगा और आसपास के दर्जनों गांवों की संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी। लंबे समय से आवागमन की दुश्वारियां झेल रहे किसानों, युवाओं और आम आदमी को रोजाना के कामकाज के लिए अब बरसात के दिनों मेंि लंबा इंतजार या जोखिम नहीं उठाना पड़ेगा।

शासन से प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद अब निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, ग्रामीणों को वास्तविक और पूरी राहत निर्माण कार्य मुकम्मल होने तथा पुल के आधिकारिक रूप से चालू होने के बाद ही मिल सकेगी।

स्रोत

संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर