चित्रकूट
पालेश्वरनाथ धाम का होगा कायाकल्प: 1.50 करोड़ रुपये से होगा विकास, भक्तों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
चित्रकूट के प्रसिद्ध पालेश्वरनाथ धाम के विकास के लिए 1.50 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर हो गई है। पर्यटन विभाग की इस योजना से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
बुंदेलखंड खबर डेस्क • चित्रकूट •
मुख्य बातें
- चित्रकूट के प्रसिद्ध पालेश्वरनाथ धाम के विकास के लिए 1.50 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी मिल गई है।
- पर्यटन विभाग की योजना के तहत मंदिर परिसर में पर्यटक सुविधा केंद्र और एक बड़ा हॉल बनाया जाएगा।
- मंदिर तक जाने वाले सीढ़ीदार रास्ते पर दो विश्राम स्थल बनेंगे जिससे बुजुर्गों और महिलाओं को राहत मिलेगी।
चित्रकूट के पहाड़ी इलाके में स्थित प्रसिद्ध पालेश्वरनाथ धाम के विकास के लिए 1.50 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी मिल गई है। यह जानकारी दिनेश ने पहाड़ी (चित्रकूट) से दी है। इस योजना के तहत मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को कई तरह की आधुनिक सुविधाएं मिलने जा रही हैं, जिससे यहाँ आने वाले लोगों को सहूलियत होगी।
पर्यटन विभाग की इस योजना के अंतर्गत एक पर्यटक सुविधा केंद्र और एक बड़ा हॉल बनाया जाएगा। इस हॉल में धार्मिक आयोजन हो सकेंगे और श्रद्धालु ठहर भी सकेंगे। इसके अलावा परिसर में आधुनिक शौचालय, शुद्ध पेयजल और स्ट्रीट लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। मंदिर तक जाने वाले सीढ़ीदार रास्ते पर दो विश्राम स्थल बनेंगे, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को चढ़ाई करने में राहत मिलेगी। धाम की साफ-सफाई के लिए सफाईकर्मी तैनात किए जाएंगे, जिनका खर्च दुकानों और पार्किंग से मिलने वाले शुल्क से निकलेगा।
इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। स्वयं सहायता समूह के लोग दोना-पत्तल और स्थानीय उत्पाद बेचकर रोजगार से जुड़ सकेंगे। इससे स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और धाम आने वाले श्रद्धालुओं को भी बेहतर प्रबंध देखने को मिलेंगे।
इस विकास कार्य से आम श्रद्धालुओं, बुजुर्गों और महिलाओं को सीधी राहत मिलेगी। रास्ते में विश्राम स्थल बनने और ठहरने के लिए हॉल तैयार होने से दूर-दराज से आने वाले भक्तों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
अब इस परियोजना के तहत तय किए गए सभी निर्माण कार्यों को पूरा करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के निर्देशों के अनुसार सभी विकास कार्य समय पर पूरे किए जाएंगे, ताकि भक्तों को जल्द से जल्द आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके।
स्रोत
संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर