बाँदा
झांसी स्टेशन पर काटी रात, मोबाइल पर की पढ़ाई: 400 किमी दूर से पीईटी देने पहुंचे अभ्यर्थी
प्रयागराज से 400 किलोमीटर का सफर तय कर प्रारंभिक अर्हता परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों ने झांसी रेलवे स्टेशन पर रात बिताई। परीक्षा केंद्र की दूरी कम होने के कारण उन्होंने शेल्टर होम के बजाय प्लेटफॉर्म को चुना।
बुंदेलखंड खबर डेस्क • बाँदा •
मुख्य बातें
- प्रयागराज से 400 किलोमीटर का सफर तय कर अभ्यर्थी झांसी स्टेशन पर पहुंचे।
- जिले के 37 केंद्रों पर 15,697 अभ्यर्थी प्रारंभिक अर्हता परीक्षा देंगे।
- पहले दिन रविवार की दोनों पालियों में 5,342 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं।
- परीक्षा 25 और 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर को दो पालियों में आयोजित होगी।
उत्तर प्रदेश के झांसी में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा देने के लिए दूर-दराज से पहुंचे अभ्यर्थियों को रात रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर गुजारनी पड़ी। प्रयागराज से करीब 400 किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचे इन युवाओं ने शनिवार रात स्टेशन पर ही बिताई। किसी ने जमीन पर पॉलीथिन बिछाकर बिस्तर बनाया तो कोई मोबाइल और ईयरफोन लगाकर परीक्षा की तैयारी करता नजर आया। शहर में ठहरने के लिए 6 शेल्टर होम बनाए गए हैं, लेकिन अभ्यर्थियों ने स्टेशन पर रुकना बेहतर समझा।
झांसी में रविवार से प्रारंभिक अर्हता परीक्षा शुरू हो रही है। जिले के 37 केंद्रों पर 3 दिन में कुल 15,697 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। पहले दिन रविवार को दोनों पालियों में 5,342 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे द्वारा विशेष ट्रेनें भी चलाई गई हैं। रेलवे स्टेशन के वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन पर अभ्यर्थियों की सहायता के लिए एक हेल्प डेस्क भी बनाई गई है।
प्रयागराज से आए अभ्यर्थियों ने बताया कि शहर में बने शेल्टर होम से उनका परीक्षा केंद्र करीब 6 किलोमीटर दूर है, जबकि रेलवे स्टेशन से केंद्र की दूरी महज 2 किलोमीटर है। ऐसे में सुबह शेल्टर होम से केंद्र तक पहुंचने में अधिक समय लगता। इसलिए समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने और रात में आराम करने की चिंता के चलते उन्होंने स्टेशन पर ही रुकने का निर्णय लिया। मथुरा के लिए भी एक परीक्षा स्पेशल ट्रेन चलाई गई थी, हालांकि उसमें बहुत ज्यादा भीड़ नहीं थी।
लंबा सफर तय करने के बाद भी युवाओं का हौसला कम नहीं हुआ। देर रात कई अभ्यर्थी अपना सामान सिरहाने रखकर सोते दिखे तो कई युवा मोबाइल पर सवाल दोहराते नजर आए। एक केंद्र पर औसतन करीब 424 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। रेलवे ने अन्य जिलों में परीक्षा देने जाने वाले अभ्यर्थियों के लिए शनिवार शाम 7 बजे एक स्पेशल ट्रेन भी चलाई, जिसमें करीब 400 अभ्यर्थी सवार होकर रवाना हुए। यह ट्रेन केवल एक तरफ के सफर के लिए थी।
यह परीक्षा 25 और 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर को दो पालियों में संपन्न होगी। दूर-दराज से आने वाले परीक्षार्थियों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हालांकि परीक्षा केंद्रों की दूरी और समय प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए अभ्यर्थियों ने अपनी सुविधा के अनुसार रेलवे स्टेशन पर ही विश्राम करना उचित समझा ताकि वे सुबह बिना किसी देरी के समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें।
स्रोत
संपादक: प्रकाश सक्सेना • बुंदेलखंड खबर